क्या आप सच में घोड़े की सवारी कर रहे है ?

 

यह शीर्ष देख के आप के मन में एक ही सवाल आया होगा के यह कैसा सवाल है।  किन्तु मै यही पूछ रहा हु जो आपने अभी अभी पढ़ा।  क्या आप जिस पर बैठके  सवारी कर रहे है या फिर जिसको घोडा समझ कर दाव लगा रहे है वह असल में घोडा ही है या फिर कोई खच्चर या फिर गधा है ? हमारे आस पास ऐसे बहुत लोग है या कभी कभी हम भी जो बिना कुछ सोचे समझे किसी पर भी दांव लगा देते है।  यह सोच के के यह मुझे जीता देगा या मेरा लगाया पैसा दुगना कर देगा।  जी हा मै निवेश के बारे में बोल रहा हु।  

 आज कल हर दूसरा इंसान शेयर मार्केट के मजे लेना चाहता है। ( फिर शेयर मार्किट इनके मजे लेता है वह बात अलग है ) यह एक तरीके से अच्छा भी है क्योंकि खुदरा निवेशक मार्किट में निवेश करेगा तो मार्किट और निवेशक दोनों की वृध्दि होगी।  लेकिन क्या ये निवेशक सही अभ्यास करके निवेश का रहा है ? क्या इनका खून पसीना एक करके कमाया पैसा सही जगह पे लग रहा है ? आप जिस कंपनी में पैसा लगा रहे हो उस कंपनी का पिछला वित्तीय कारोबार कैसा रहा है। उस कंपनी की बैलेंस शीट , नफा, नुकसान, भविष्य की योजनाए या एस्टीमेट्स इन् सभी बातों पे गंभीरता से विचार विनिमर्श किया या किसी जानकार से परामर्श लिया है ? वो सब छोडो भाई साहब, आपने उस कंपनी का नाम भी सुना है ? अगर नहीं सुना तो यह सोचा के एकदम से यह कंपनी प्रकाश में कैसे आई, ऐसी क्या बात हो गयी ? हम में से कई महानुभाव तो ऐसे होंगे जो बस सुनी सुनाई बातों पे अपनी इनकम का बहुत सारा धन निवेश कर देते है और जैसे ही वो सुनी सुनाई बातों की हवा निकल जाती है, सब निवेश डूब जाता है या फिर भारी नुकसान में निवेश किया पैसा फस जाता है। 

 

तो क्या करे ? निवेश करना छोड़ दे या कान पे हाथ रख दे के ये अपना काम नहीं है या फिर यह कहके छोड़ दे के मार्किट बड़े लोगो का खेल है, हम आम लोगों के बस की बात नहीं है, वगेरा वगेरा।  बिलकुल नहीं, आज कल एक विज्ञापन आ रहा है के " मार्केट सब का है बॉस " और सही मायने में मार्किट सब को लेके चलेगा अगर आप इससे सही मायने में समझेंगे और इसे मुनाफा लौटाने का समय दोगे।  इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें।  जब भी हमें कुछ स्टॉक्स खरीदने हो तब यह सोचे के आप खुदके बिज़नेस में निवेश करने जा रहे हो और तकनिकी तरीके से देखा जाए तो यह सच भी है के जब आप किसी कंपनी के शेयर्स खरीदते हो आप उसके भाग धारक बन जाते हो और कंपनी जैसे जैसे मुनाफा कमाएगी वैसे वैसे आपको भी डिविडेंड मिलेगा और शेयर में भी वृद्धि होगी।  तो इसका मतलब है के अभी अभी मान लो के आपने कोई बिज़नेस शुरू किया है तो उस बिज़नेस को चलने में और आपको मुनाफा देने में समय देना तो बनता ही है ना ?  लेकिन हम कितना समय दे ? यह भी तो एक सवाल है।  अब भैया यह तो उस कंपनी के काम, भविष्य की उपलब्धिया और उसके बिज़नेस मॉडल पे निर्भर करता है। 

 

ऊपर दिए गए सवाल अगर आप के मन में अभी आ रहे है तो इसका मतलब आप इस लेख को गंभीरता से पढ़ रहे हो।  चलो मुद्दे पर आते है।  कैसे जाने के कोई कंपनी या स्टॉक हमारे निवेश के लिए सही है, इसके लिए हमें थोड़ी छानबीन करनी होगी जिसे हम Fundamental Analysis भी कहते है।  चलो इसे और आसान बनाते है।  आप कोई भी एक कंपनी चुन लो जिस में आप निवेश करना चाहते हो।  अब आप उस कंपनी की बैलेंस शीट, अतीथ में पुरे किये गए प्रबंध , उससे मिला फायदा, नुकसान, उस कंपनी के उच्च पदाधिकारी उनका ट्रैक रेकॉर्ड, मार्किट में उनकी छवि , कंपनी के भविष्य की योजनाए क्या है , इन सब बातो का सतर्कता से अभ्यास करे।  यह सब जानकारी आपको उस कंपनी के वेबसाइट पे मिल जाएगी। और यदि आपको और सरलता से जानकारी चाहिए तो निचे कुछ वेबसाइट दिए है, आप वहा जाके भी जांकारी प्राप्त कर सकते है। 

www.nseindia.com

www.moneycontrol.com

www.economictimes.com

www.etmoney.com (Recommended especially for Mutual fund analysis)

www.screener.in

 

इसके अलावा अगर आप और गहराइयों में जाना चाहते हो तो आप उस कंपनी का रेश्यो एनालिसिस भी कर सकते हो।  रेश्यो एनालिसिस मतलब कुछ गणितीय सुसूत्रता के आधार पर कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य के बारे में आपको स्पष्ट रूप से दर्शाता है। 

निचे कुछ वित्तीय अनुपात (Ratio Analysis ) दिए हुए है उसे पढ़े

 

1.      Profit Margine =                        Net Income

                                                        Revenue

2.      Return on Equity Ratio =           Net Income

                                                    Shareholder’s Equity

3.      Price to Earning (P/E) Ratio =     Price Per share

                                                        Earning per share

4.      Price to book (P/B) ratio =     Current Market price per share

Book Value per share

 

ऊपर दिए अनुपात (Ratios) जितने जटिल दीखते है उतने है नहीं।  आप इन्हे www.youtube.com पे भी सरल भाषा में समझ सकते हो। 

 

बस यही कुछ बाते है जो आपके निवेश को जीरो से हीरो बना सकती है  बस इंतज़ार है थोड़ी सी सूझ बुझ और थोड़े धैर्य का। 

अब आप खुद से पूछो के " क्या सच में आप घोड़े की सवारी कर रहे है ?"

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